देहरादून, मार्च 13 -- देहरादून। राजधानी देहरादून में मुकद्दस महीने रमजान के चौथे जुमे की नमाज पूरी अकीदत और एहतराम के साथ अदा की गई। शहर की तमाम छोटी-बड़ी मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी, जिससे मस्जिदें खचाखच भरी रहीं। रमजान का आखिरी अशरा (अंतिम 10 दिन) चल रहा है, जिसे जहन्नम की आग से आजादी का अशरा कहा जाता है। इसे लेकर रोजेदारों में इबादत का जज्बा चरम पर है। जुमे की नमाज से पहले तकरीर करते हुए उलेमाओं ने आखिरी अशरे की फजीलत बयां की और बताया कि इसी अशरे में शब-ए-कद्र (लैलतुल कद्र) जैसी मुकद्दस रात होती है, जिसमें इबादत का सवाब हजार महीनों की इबादत से भी बेहतर है।मस्जिदों के इमामों ने जकात और सदका-ए-फित्र (फ़ितरा) की अहमियत पर खास जोर दिया। इमामों ने अवाम से आपसी भाईचारा कायम रखने और गरीबों व जरूरतमंदों की दिल खोलकर मदद करने की गुज...