सीतामढ़ी, फरवरी 28 -- सीतामढ़ी। रमजान आते ही जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते है और जहन्नुम के दरवाजे बंद कर दिए जाते हैं। रमजान मुबारक का महीना संयम, बरकत और मगफिरत का महीना है। वैसे तो इस महीनों में लोग अधिक से अधिक नमाज अता करते है तथा मस्जिदों में पहुंचकर नमाज अता करने को प्राथमिकता में रखते है। जिससे रमजान के दौरान मस्जिदों में नमाजियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जाती है। लेकिन जुमा के दिन वे हर हाल में मस्जिद में नमाज अदा करने पर विशेष जोर देते हैं। इसे लेकर शुक्रवार को दूसरे जुमा की नमाज में नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र के मस्जिद में भी धूप के बावजूद बड़ी संख्या में नमाजी शामिल हुए। रोजेदार अपना समय ज्यादातर इबादत में गुजार अल्लाह को राजी कर अपनी मगफिरत कराते हैं। इसमें जुमा का आम दिनों में अलग मुकाम हासिल है। पांच वक्त की नमाज नहीं अदा ...
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