मऊ, मार्च 1 -- मऊ, संवाददाता। मौसम में एकाएक ही बढ़ी गर्मी की शिद्दत के बीच रविवार को 11वां रोजा मुकम्मल हो गया। रोजेदारों ने अपना पूरा दिन नेक कामों संग इबादत में गुजारा। पांच वक्त की नमाज के साथ ही कुरआन-ए-करीम की तिलावत की। अल्लाह से अपने गुनाहों की माफी मांगी। वहीं, सूरज की बढ़ती तपिश ने शुरुआत में ही रोजेदारों को इम्तिहान लेना शुरू कर दिया है। मुकद्दस रमजान माह में अल्लाह की रजा हासिल करने के लिए रोजेदार दिनभर इबादत में लगे हुए हैं। मार्च में मौसम में बाकी सुबह-शाम की ठंड देखते हुए कहा जा रहा था कि शुरुआत के पंद्रह रोजे खुशगंवार मौसम में गुजर जाएंगे। वहीं, आखिरी पंद्रह रोजे को लिए रोजेदारों को गर्मी से थोड़ी बहुत जद्दोजहद करनी पड़ेगी। लेकिन लोगों का ये अंदाजा फिलहाल गलत साबित होता दिख रहा है। पहले रोजे से ही एकाएक ही बदले हवा के मिजा...