बेगुसराय, मार्च 6 -- खोदावन्दपुर, निज प्रतिनिधि। रमज़ानुलमुबारक के दूसरे अशरे में अल्लाह नेक बंदों की मगफिरत फरमाते हैं। इस लिए इस पाक माह के दूसरे अशरे (मध्य के दस दिन) में खुदा की इबादत कर उनकी रज़ा पाने की कोशिश करते हुए मगफिरत पाने के हकदार बनें। यह बात जामा मस्जिद नुरूल्लाहपुर के इमाम मौलाना मोहम्मद मुजम्मिल साहब ने रमजानुलमुबारक के तीसरे जुमे की नमाज से पूर्व अपनी नूरानी तकरीर के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रमज़ान हमें एक सच्चा व पक्का मुसलमान बनने की सीख देता है। इस लिए माह-ए-मुबारक रमज़ान का एहतराम करते हुए हमें झूठ बोलने, गीबत करने सहित अन्य बुराईयों को छोड़ कर नियमित रोजा नमाज का पालन करते हुए खुदा की खुश्नुदी हासिल करने की कोशिश करनी चाहिए। इमाम साहब ने बताया कि इस महीने में सभी नमाज के बाद दुआओं की कसरत के साथ खुदा की बारगाह में...