बेगुसराय, मार्च 13 -- खोदावन्दपुर,निज प्रतिनिधि। रमज़ानुलमुबारक के तीसरे व अंतिम अशरे में अल्लाह नेक बंदों पर जहन्नुम की आग हराम फरमाते हैं। इस लिए इस पाक माह के अंतिम अशरे (अंतिम के दस दिन) में खुदा की इबादत कर उनकी रज़ा पाने की कोशिश करते हुए जहन्नुम की आग से पनाह मांगें। यह बातें जामा मस्जिद नुरूल्लाहपुर के इमाम मौलाना मोहम्मद मुजम्मिल साहब ने रमजानुलमुबारक के चौथे जुमे की नमाज से पूर्व अपनी नूरानी तकरीर के दौरान कही। उन्होंने कहा कि रमज़ान हमें एक सच्चा व पक्का मुसलमान बनने की सीख देता है। इस लिए माह-ए-मुबारक रमज़ान के बचे हुए चंद दिनों का एहतराम करते हुए हमें बुराईयों को छोड़ कर नियमित रोजा नमाज का पालन करते हुए खुदा की खुश्नुदी हासिल करते हुए जहन्नुम की आग से पनाह मांगने की कोशिश करनी चाहिए। इमाम साहब ने बताया कि इस महीने में सभी नमा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.