आजमगढ़, मार्च 5 -- माहुल, हिन्दुस्तान संवाद। माहुल नगर में गुरुवार शाम गाजे-बाजे के साथ बुढ़वा की तीन बरात निकाली गईं। दुल्हन की तलाश में रथ पर सवार होकर बुढ़वा पूरे बाजार में घूमता रहा, लेकिन उसकी आस एक बार फिर अधूरी रह गई। देर शाम तक उसे दुल्हन नसीब नहीं हुई। माहुल नगर में परंपरागत तरीके से इस वर्ष भी शुक्र बाजार दुर्गा मंदिर, सोमवारी बाजार के बैजनाथ पोखरा और माहुल केवटाना से बुढ़वा की तीन बरात निकाली गईं। तीनों बरातें विपरीत दिशा में पूरे नगर में घूमती रहीं। बरात में रथ के आगे चल रहा बहरूपिया लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। रंग-बिरंगी लाइटों से सजे रथ पर बैठा बुढ़वा देर शाम तक दुल्हन की तलाश में घूमता रहा, लेकिन इस वर्ष भी उसे दुल्हन नहीं मिली। भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के लिए क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर कौस्तुभ त्रिपाठी, थानाध्यक्ष अहरौला अमित म...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.