नई दिल्ली, जनवरी 11 -- ज्योतिष शास्त्र में रत्न शास्त्र का खास महत्व होता है। रत्न शास्त्र के मुताबिक पुखराज रत्न एक शक्तिशाली रत्न है, जिसे पहनने के कई फायदे हैं। यह बृहस्पति ग्रह का रत्न होता है। बृहस्पति को देवगुरू, ज्ञान का कारक कहकर परिभाषित किया गया है। जन्मकुण्डली में गुरू बलवान होने पर व्यक्ति ज्ञानवान और सद्गुण संपन्न होता है क्योंकि नवग्रहों में बृहस्पति सर्वाधिक शुभ ग्रह है। ऐसे में पुखराज रत्न धारण करने से धन-समृद्धि में वृद्धि होती है। लेकिन हर रत्न को धारण करने का नियम होता है। अगर इस रत्न को सही तरीके से धारण ना किया जाए, तो इसका अशुभ परिणाम मिलता है। साथ ही बिना किसी ज्योतिष सलाह के कोई भी रत्न नहीं धारण करना चाहिए। चलिए जानते हैं कि पुखराज को किस उंगली में धारण करना चाहिए। लाभज्योतिष शास्त्र के मुताबिक पुखराज को सोने या प...