नई दिल्ली, मार्च 14 -- ज्योतिष शास्त्र में नीलम रत्न को शनि ग्रह का प्रतिनिधि माना जाता है। कहा जाता है कि जिन लोगों के लिए यह रत्न अनुकूल होता है, उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव दिखाई देने लगते हैं। कई बार लंबे समय से रुके हुए काम बनने लगते हैं और जीवन में आने वाली बाधाएं भी धीरे-धीरे कम होने लगती हैं। शनि ग्रह की स्थिति बदलने पर कुछ लोगों पर साढ़ेसाती और कुछ पर शनि की ढैय्या शुरू हो जाती है। ऐसे समय में नीलम रत्न को शनि के प्रभाव को संतुलित करने वाला माना जाता है। लेकिन इसे धारण करने के कुछ नियम है। इसे पहनने से पहले और पहनने के बाद कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए। चलिए इसके बारे में जानते हैं।कौन पहन सकता है नीलम नीलम एक प्रभावशाली रत्न है और इसे हर व्यक्ति नहीं पहन सकता। इसे धारण करने से पहले कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति का सही आकलन करन...