मैनपुरी, सितम्बर 26 -- दशलक्षण महापर्व के समापन पर शनिवार को शांतिनाथ चैत्यालय सहित सभी जैन मंदिरों में रत्नत्रय धर्म की पूजा-अर्चना की गई। विधानाचार्य पं. कमल कुमार जैन ने रत्नत्रय का महत्व बताते हुए कहा कि सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान और सम्यक चारित्र जैन धर्म में मोक्ष प्राप्ति का मार्ग हैं। सायंकालीन सभा में सामूहिक आरती के बाद श्रवण भारती के तत्वावधान में प्रश्न मंच और बच्चों द्वारा जैन धर्म पर आधारित सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। शिक्षिका निशंका जैन के नेतृत्व में मेधावी छात्र-छात्राओं को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस दौरान टीकमगढ़ से आए पं. मयंक जैन शास्त्री का महामंत्री विशाल जॉली व श्रवण भारती के पदाधिकारियों ने व सांगानेर से आए पं. शुभम जैन शास्त्री को महावीर जिनालय के पदाधिकारियों ने सम्मान कर विदाई दी। धा...