रांची, दिसम्बर 10 -- रांची, वरीय संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने बच्चों में रटने की बजाए समझने की प्रवृत्ति कितनी बढ़ी है, इसका आकलन करने के लिए 'सफल मूल्यांकन परीक्षा' की शुरुआत की है। आठ दिसंबर से इसकी शुरुआत हुई है। सीबीएसई से संबद्ध स्कूल अपने-अपने स्तर पर यह परीक्षा ले रहे हैं। यह मूल्यांकन छठी से नौवीं कक्षा के विद्यार्थियों के बीच किया जा रहा है। सीबीएसई ने स्कूलों को गाइडलाइन भेजी है, जिसके तहत कहा गया है कि इसका उद्देश्य बच्चों की दक्षता का आकलन करना है। यह मूल्यांकन नई शिक्षा नीति 2020 (एनईपी-2020) के तहत किया जा रहा है, जिसमें यह उल्लेखित है कि बच्चों में सीखने की क्षमता का विकास करना आवश्यक है। परीक्षा का स्वरूप और माध्यम बोर्ड की गाइडलाइंस के अनुसार, परीक्षा का आयोजन हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में...
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