वाराणसी, जनवरी 1 -- वाराणसी। मंदिर-गिरजाघर और गुरुद्वारे, नववर्ष की पूर्व संध्या पर ही उपजे हर्षोल्लास से ऊर्जा के केंद्र बन गए। वह ऊर्जा गलन-ठिठुरन के होश फाख्ता करती दिखी। रात 10 बजे के बाद होटल-लॉज और रेस्टोरेंट में भारतीय एवं पश्चिमी संगीत की धुनों पर झूमते युवा और अधेड़ दंपती, युवाओं के चेहरे बता रहे थे कि शहर 2025 की रंगारंग विदाई और 2026 के जोशीले खैरमकदम के लिए तैयार है। घड़ी की सुई के रात 12 बजे पर पहुंचते ही चहुंओर 'हैप्पी न्यू ईयर' का शोर गूंज उठा। रोशनी वाले पटाखे शोर को आसमान तक पहुंचा रहे थे। अनगिनत उत्साही युवाओं ने भोर में 3 बजे से ही गंगा के प्रमुख घाटों पर डुबकियां लगाईं और बाबा विश्वनाथ के दर्शन-आशीर्वाद के लिए कतारबद्ध हो गए। उनके शरीर पर मौसम का पूरा असर था मगर मन उत्साह की तपिश से जोशीला दिख रहा था। रह-हर कर 'हर-हर म...