रिषिकेष, नवम्बर 8 -- उत्तराखंड राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ पर पर्वतीय रूटों पर दशकों से परिवहन सेवा उपलब्ध कराने वाली निजी परिवहन कंपनी टीजीएमओ के सदस्यों का दर्द झलका है। अध्यक्ष जितेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि राज्य गठन से पूर्व यूपी शासनकाल में राज्य की सभी निजी परिवहन कंपनियों को चारधाम यात्रा में दो माह पूरा रोजगार मिलता था। धामों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कंपनियों की बस सेवा ही उपलब्ध होती थीं, लेकिन राज्य बनने के बाद अब आय का यह मुख्य स्रोत छिनता जा रहा है। यात्रा शुरू होते ही यूपी और अन्य राज्यों की बसें और अन्य व्यावसायिक यात्री वाहन हरिद्वार में डेरा जमा ले रहे हैं, जिससे राज्य की टीजीएमओ समेत नौ निजी परिवहन कंपनियों के संयुक्त बेड़े रोटेशन यात्रा व्यवस्था समिति को ढूंढे से यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। नेगी ने यह भी क...
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