रचनाओं के जरिए जीवित रहेंगे 'सिद्ध'
वाराणसी, जून 11 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। लोकप्रिय गजलगो सिद्धनाथ शर्मा 'सिद्ध' के निधन पर शोक संवेदनाओं और सभाओं का दौर जारी है। गुरुवार को बरेका में काशी काव्य संगम, बड़ी पियरी में एनसीआई काव्य समीर, मारुति नगर में वसुधैव कुटुम्बकम और मढ़ौली में कवितांबरा ने शोकसभाएं कीं। वक्ताओं ने कहा कि 'सिद्ध' सक्रिय साहित्यकार थे जो हम सब से छिन गए। बावजूद इसके वह अपनी रचनाओं के माध्यम से हमेशा जीवित रहेंगे। बरेका पुस्तकालय में काशी काव्य संगम की शोकसभा में लोगों ने उनसे जुड़े संस्मरण साझा किए। गिरीश पांडेय 'काशिकेय', संतोष कुमार 'प्रीत', अरविंद भारत, रामानंद दीक्षित, गौतम अरोड़ा 'सरस' ,आलोक सिंह 'बेताब', मुनींद्र पांडेय 'मुन्ना', अखलाक भारतीय, जयप्रकाश मिश्र, प्रदीप कुमार, टीकाराम शर्मा आचार्य, डॉ.प्रताप शंकर दूबे, रामजतन पाल, करुणा सिंह, गणेश ...
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