सीवान, मार्च 25 -- रघुनाथपुर, एक संवाददाता। लोकआस्था का महापर्व चैती छठ के तीसरे दिन मंगलवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को व्रतियों ने अर्घ्य दिया व सुख-समृद्वि की कामना की। चार दिवसीय इस महापर्व को लेकर लोगों में उत्साह और उमंग भी दिखा। घाट पर जाने से पहले बांस या मुज के नेरुआ से बनी टोकरी को मौसमी फल, ठेकुआ व पूजा का सामान के साथ सजाया गया। नंगे पांव श्रद्धालु घाट पर पहुंच छठी मइया की आराधना की। घाट तक सिर पर टोकरी रखकर ले जाने वाले भी नंगे पांव ही छठ घाट पर गए। घाट पर मौजूद रहे पंडितों ने बताया कि शाम के समय सूर्य अपनी पत्नी प्रत्युषा के साथ समय बिताते हैं। इसलिए छठ पूजा में शाम को डूबते सूर्य को अर्घ्य देने से उनकी पत्नी प्रत्युषा की भी उपासना हो जाती है। इससे व्रती की मनोकामनाएं जल्द पूर्ण होती हैं। बुधवार को उदीयमान सूर्य को अर्घ्य दे...