सीवान, फरवरी 25 -- सीवान, हिन्दुस्तान संवाददाता। शहर का प्राचीन पचमंदिरा पोखरा अपने सौन्दर्यीकरण के एक वर्ष के भीतर ही अपने पुराने स्वरुप की तरफ लौटता दिख रहा है। नगर परिषद की उदासीनता, उचित रखरखाव नहीं होने, असमाजिक तत्वों की करतूत से न सिर्फ पोखरा व परिसर प्रभावित हो रहा, बल्कि सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। रखरखाव के अभाव में पोखरा का पानी गंदा हो रहा, पोखरा में छोड़े गए चार हंस समुचित मात्रा में पानी नहीं मिलने से तड़प रहे जिनकी आवास आस-पास के लोगों तक पहुंच रही लेकिन नप का ध्यान इस ओर नहीं जा रहा। हाल के दिनों में जिले में प्रगति यात्रा के दौरान पहुंचे सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जल जीवन हरियाली के तहत न सिर्फ पोखरा में रंगीन व देशी मछिलयां छोड़ी, बल्कि चार हंस भी छोड़े। बंगाल से हरी घास लाकर पोखरा के आस-पास बिछाया...