नई दिल्ली, फरवरी 1 -- सुशांत सरीन,रक्षा विशेषज्ञ इस समय दुनिया के जो हालात हैं, उसमें किस वक्त बड़ा सैन्य संघर्ष छिड़ जाए, कहा नहीं जा सकता। यूक्रेन-रूस और हमास-इजरायल के संघर्ष के तनाव से दुनिया अभी जूझ ही रही है कि ईरान का संकट दिन-ब-दिन गंभीर रूप लेता जा रहा है। अगर तेहरान पर अमेरिकी-इजरायली हमले हुए, तो उसके असर से हम अछूते नहीं रहेंगे। गौर करने वाली बात है कि चीन और पाकिस्तान की चुनौती के साथ अब बांग्लादेश भी हमारे लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। ऐसे में, रक्षा क्षेत्र के लिए बजटीय आवंटन पर इस क्षेत्र से जुड़े लोगों की ही नहीं, आम नागरिकों की भी गहरी नजर टिकी थी। इस लिहाज से देखें, तो इस साल के बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए करीब 7.85 लाख करोड़ रुपये का आवंटन हुआ है, जो पिछले साल आवंटित 6.81 लाख करोड़ रुपये से एक लाख करोड़ रुपये से ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.