चित्रकूट, अगस्त 26 -- सीतापुर, संवाददाता। धर्मनगरी चित्रकूट स्थित सती अनुसुइया मोड के पास तीन दिवसीय सत्संग व रक्षाबंधन कार्यक्रम का बुधवार को शुभारंभ हुआ। बाबा जय गुरुदेव के आध्यात्मिक उत्तराधिकारी बाबा उमाकांत महाराज ने कहा कि मनुष्य शरीर को चलाने वाली शक्ति जीवात्मा को परमात्मा तक पहुंचाना ही असली रक्षाबंधन है। इस पर्व की परंपरा ऋषि-मुनियों के समय से चली आ रही है। उस समय मुहूर्त और मंत्रों के अनुसार रक्षा बांधी जाती थी और उसके पीछे रक्षा तथा धर्म की भावना होती थी। यह भी पढ़ें- Gorakhpur News: सामाजिक समरसता और पंच परिवर्तन का संदेश देगा संघधर्म के पालन की आवश्यकता उन्होंने कहा कि बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसकी रक्षा की कामना करती है। लेकिन हमें अपने आचरण पर भी विचार करना चाहिए। अब न बहन की रक्षा नहीं हो पा रही है और न ही भाई-बहन द...