संतकबीरनगर, जून 14 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। रक्तदान को महादान की श्रेणी में रखा गया है। रक्तदान से अस्पताल में पड़े किसी व्यक्ति को जिंदगी बचाई जाती है। रक्तदान के प्रति लोगों के अंदर जागरूकता बढ़ी और लोग बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रहे हैं। जिले में कई ऐेसे आईकान हैं जो आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत बने हुए हैं। जिले में एक दो नहीं अपितु 50 बार से अधिक रक्तदान करने वाले भी मौजूद है। अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डा. आरपी मौर्य चिकित्सा जगत के लिए एक पहेली बन गए है। तीन माह बीतने के बाद चुपचाप ब्लड बैंक पहुंच कर रक्तदान कर देते हैं। रक्तदान को सबसे बड़ा दान इसलिए कहा जाता है कि एक रक्तदान से दुर्घटना में घायल को नई जिंदगी मिल जाती हैं। वजह रक्त का कोई दूसरा विकल्प अभी नहीं मौजूद हैं। आपरेशन के दौरान भी खून की जरूरत पड़ती है। ऐसे में किसी का क...