कौशाम्बी, मार्च 3 -- होली पर खेले जाने वाले रंगों के कहर से घबराने की जरूरत नहीं है। केमिकल युक्त साबुन आदि के बजाय आटे के चोकर को मिट्टी में मिलाकर बनाया गया उबटन लगाएं। इससे रंग भी छूट जाएगा और त्वचा को कोई नुकसान भी नहीं होगा। यदि आप रंग को साबुन अथवा ब्रश की मदद से रगड़कर छुड़ाने का प्रयास करेंगे तो त्वचा घायल हो सकती है। बाद में इसका खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। चेहरे की चमक गायब होने की शिकायत सामने आना कोई बड़ी बात नहीं होगी। होली रंगों का त्योहार है। इस पर्व पर रंग डालने से किसी को मना नहीं किया जा सकता है। जबकि, यह भी पता नहीं होता कि सामने वाला जो रंग डालने के लिए लेकर आया है, वह हर्बल या केमिकल युक्त है। कई बार तो लोग जला हुआ मोबिल ऑयल, बाल में लगाने वाली डाई व मशीन की स्याही तक का इस्तेमाल कर देते हैं। इससे त्वचा को बहुत नुकसा...
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