अलीगढ़, मार्च 3 -- अलीगढ़, वरिष्ठ संवाददाता। रंगों का उत्सव आते ही गलियों से लेकर बाजारों तक उल्लास की फुहार छूट पड़ी है। पिचकारियों की धार और गुलाल की उड़ती परतें माहौल को जीवंत बना रही हैं। लेकिन इसी रंगीन उमंग के बीच एक स्याह सच्चाई भी छिपी है, बाजार में बिक रहे अधिकतर रंग रासायनिक तत्वों से तैयार होते हैं, जो त्वचा और आंखों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं। विशेषज्ञों की मानें तो थोड़ी सी लापरवाही त्योहार की खुशी को एलर्जी, खुजली और संक्रमण में बदल सकती है। त्वचा रोग विशेषज्ञों के अनुसार सस्ते और चमकीले रंगों में लेड ऑक्साइड, कॉपर सल्फेट और अन्य हानिकारक रसायन मिलाए जाते हैं। ये त्वचा पर रैशेज, जलन और फंगल इंफेक्शन का कारण बन सकते हैं। कई मामलों में आंखों में सूजन और कॉर्निया को भी क्षति पहुंचती है। इसलिए हर्बल या प्राकृतिक रंगों का...