लखीसराय, मार्च 1 -- मनीष कुमार, लखीसराय। जिला सिर्फ ऐतिहासिक और धार्मिक पहचान के लिए ही नहीं, बल्कि अपने पारंपरिक सिंदूर और गुलाल उद्योग के लिए भी जाना जाता है। आजादी से भी पहले से वर्ष 1932 से यहां संचालित दो प्रमुख फैक्ट्रियां नटराज सिंदूर फैक्ट्री और ड्रोलिया सिंदूर फैक्ट्री आज भी अपनी गुणवत्ता और विश्वसनीयता के कारण बाजार में विशेष पहचान बनाए हुए हैं। करीब नौ दशक पहले शुरू हुई यह परंपरा आज भी मजबूती से कायम है। इन दोनों फैक्ट्रियों ने न केवल स्थानीय स्तर पर उद्योग को जीवित रखा है, बल्कि सैकड़ों लोगों को रोजगार देकर जिले की अर्थव्यवस्था को भी संबल प्रदान किया है। वर्तमान में इन दोनों इकाइयों से लगभग 200 परिवारों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिल रहा है। इतना ही नहीं, इन फैक्ट्रियों से जुड़े करीब 20 से 25 लोग छोटे स्तर पर अपन...