लखनऊ, फरवरी 26 -- लखनऊ, संवाददाता। फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाने वाली रंगभरी एकादशी अत्यंत फलदायी मानी जाती है। इसे आमलकी एकादशी या आंवला एकादशी भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस पावन तिथि पर भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और व्रत रखने से पापों का क्षय होता है। उन्नति के द्वार खुलते और जीवन में सुख-शांति का वास होता है। ज्योतिषाचार्य एसएस नागपाल ने बताया कि फाल्गुन शुक्ल एकादशी तिथि गुरुवार रात 12:33 बजे से शुरू होकर शुक्रवार रात 10:32 बजे तक रहेगी। उदय तिथि के अनुसार 27 फरवरी शुक्रवार को ही एकादशी व्रत रखा जाएगा। आचार्य पं. आनंद दुबे ने बताया कि इसी दिन अमला एकादशी और रंगभरी एकादशी का संयोग भी रहेगा, जिससे इस तिथि का महत्व और अधिक बढ़ जाता है। व्रत का पारण 28 फरवरी की सुबह किया जाएगा। बाबा विश्वनाथ की नगरी में ...