बलिया, फरवरी 26 -- बलिया, संवाददाता। फागुन महीने के शुक्ल पक्ष एकादशी को रंगभरी या आमलकी एकादशी कहा जाता है। इस दिन श्री हरि यानि भगवान विष्णु, शंकर और मां पार्वती का व्रत रख पूजन करने का विधान है। रंगभरी एकादशी 27 मार्च यानि कल शुक्रवार को मनाई जायेगी। इस व्रत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए फेफना क्षेत्र के थम्हनपुरा निवासी आचार्य डॉ. अखिलेश उपाध्याय ने बताया कि इस दिन शिवलिंग पर लाल रंग का गुलाल तथा मां पार्वती को सोलह श्रृंगार की सामग्री चढ़ाकर पूजन करना चाहिए। वहीं भगवान विष्णु की उपासना कर आंवला वृक्ष का पूजन कर कथा सुनने से विशेष कृपा प्राप्त होती है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि रंगभरी एकादशी के दिन वैवाहिक जीवन की बाधाओं को दूर करने तथा अखण्ड सौभाग्य की प्राप्ति के लिए हरि प्रिया तुलसी पर नारियल, चुनरी चढ़ाकर पूजन करें, तुलसी की आरती के...