नई दिल्ली, जून 13 -- पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक दृष्टिबाधित और दिव्यांग नाबालिग लड़की पर यौन हमले के आरोपी तीन किशोरों की जमानत याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी कि पीड़िता ने उनकी पहचान उनकी आवाज से की। न्यायमूर्ति शालिनी सिंह नागपाल ने हरियाणा के करनाल के किशोर न्याय बोर्ड और त्वरित अदालत के अतरिक्त सेशन जज के आदेशों को बरकरार रखा। जस्टिस नागपाल ने कहा कि किशोरों को रिहा करने से निश्चित ही न्याय का मकसद पूरा नहीं हो पाएगा। हाईकोर्ट में बताया गया कि बार-बार यौन हमला होने से नाबालिग लड़की गर्भवती हो गई। सरकारी वकील ने कहा कि वैसे तो पीड़िता आरोपियों के नाम नहीं बता सकी, लेकिन उसने उनकी आवाज से उन्हें पहचाना। अभियोजन पक्ष ने हाईकोर्ट को यह भी बताया कि 19 गवाहों में से चार से पूछताछ हो चुकी है। सरकारी वकील ने अनुरोध किया कि किशोरों की पुन...