रांची, अगस्त 13 -- रांची, हिन्दुस्तान ब्यूरो। कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्पष्ट कहा है कि योजनाओं का लाभ केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका वास्तविक असर खेतों और किसानों तक दिखना चाहिए। उन्होंने तालाब, पर्कोलेशन टैंक, डीप बोरिंग और बिरसा पक्का चेक डैम (बीपीसीडी) जैसी योजनाओं के स्थल चयन एवं पहचान की प्रक्रिया तेज करने को कहा। पिछले वर्ष की देनदारियों और बकाया भुगतान को अगस्त के अंत तक पूरा करने तथा वर्ष 2025-26 से संबंधित रिपोर्टेड देनदारियों के कार्य निर्धारित समय में पूरा करने का निर्देश दिया। साथ ही देरी होने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की बात भी कही। कृषि मंत्री गुरुवार को जेएमटीटीसी भवन में भूमि संरक्षण निदेशालय की ओर से आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला-सह-प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेने के बाद अधिकार...