नई दिल्ली, जनवरी 22 -- मिंट का लोगो लगाए शोल्डर::राज्य कार्रवाई करने में नाकाम रहे तो तय फॉर्मूले के आधार पर अपने आप बढ़ेंगी बिजली की दरें डिस्कॉम सबसे कमजोर कड़ी 67 बिजली वितरण कंपनियां देश में 16 कंपनियां निजी क्षेत्र की हैं अबतक रितुराज बरुआ नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नई नीति से बिजली उपभोक्ताओं को झटका लग सकता है। देश में अगले वित्तीय वर्ष (2026-27) से बिजली का बिल हर साल ऑटोमैटिक तरीके से बढ़ सकता है। केंद्र सरकार ने बुधवार को जारी नई राष्ट्रीय विद्युत नीति (एनईपी) के मसौदे में इंडेक्स-लिंक्ड टैरिफ व्यवस्था का प्रस्ताव दिया है। नए मसौदे के अनुसार, अगर राज्य नियामक आयोग समय पर टैरिफ तय नहीं करते हैं, तो एक तय फॉर्मूले के आधार पर बिजली की दरें अपने आप बढ़ जाएंगी। बता दें, अभी तक राज्यों में राजनीतिक कारणों से बिजली की दरें कई सालों तक नह...
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