गया, दिसम्बर 17 -- शहर के अनुग्रह मेमोरियल महाविद्यालय में बुधवार को दर्शनशास्त्र विभाग व आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के संयुक्त बैनर तले 'वर्तमान समय मे योग की महत्ता' विषय पर सेमिनार का आयोजन व्याख्यान सह सेमिनार का आयोजन किया गया। भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद,नई दिल्ली की ओर से आयोजित कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों ने किया। अपने स्वागत भाषण में दर्शनशास्त्र की विभागाध्यक्ष डॉ श्वेता सिंह ने कहा कि समदृष्टि ही योग है। डॉ अमृतेंदु घोषाल अंग्रेजी विभाग के विभागाध्यक्ष ने माइंडफुलनेस की व्यवहारिक पक्ष पर ध्यान केंद्रित करते हुए कहा कि आप कंट्रोलर नहीं है आप आब्जर्वर है। सहायक प्राध्यापक गया कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभाग से सहायक प्राध्यापक डॉअनूप पति तिवारी ने कहा कि योग: चित्तवृत्ति निरोध : अर्थात् योग से चित्त की वृत्तियों का नाश होत...