धनबाद, अप्रैल 25 -- बिहार योग विद्यालय, विश्व योगपीठ मुंगेर द्वारा वर्षों से योग की जो परंपरा चल रही है, वह आज भी समाज को दिशा दे रही है। धनबाद जैसे क्षेत्रों में भी एक समय योग का व्यापक प्रसार था। 80 के दशक में यहां विभिन्न कोलियरी, कॉलेजों और संस्थानों, जैसे आइएसएम में नियमित योग कक्षाएं संचालित होती थीं। उस दौर में योग केवल एक अभ्यास नहीं, बल्कि जीवनशैली का हिस्सा था। यह बातें बिहार योग विद्यालय, विश्व योगपीठ मुंगेर के परमाचार्य निरंजनानंद सरस्वती जी ने कही। वह शुक्रवार को आनंद योग धारा धनबाद की ओर से आयोजित 'आध्यात्म में प्रवेश स्वयं को जानो' विषय पर व्याख्यान कर रहे थे। यह भी पढ़ें- आज से तीन दिनों तक धनबाद में बहेगी योग की धारा आइआइटी आइएसएम के पेनमेन हॉल में आयोजित सत्संग में निरंजनानंद सरस्वती जी ने कहा कि धनबाद में पिछले 25 वर्षो...