सहरसा, नवम्बर 25 -- कहरा, एक संवाददाता। मिथिला क्षेत्र के विख्यात संत योगिराज परमहंस लक्ष्मीनाथ गोसाई के 232 वें जन्मोत्सव एवं महापरिनिर्वाण दिवस अगहन विवाह पंचमी के मौके पर श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या सिद्धपीठ बनगांव कुटी में उमड़ पड़ी। 18वीं सदी के इस महान संत की ख्याति आज भी न्याय के देवता के रूप में मिथिला में व्यापक है। सुपौल जिले के परसरमा गांव में 1793 में कात्यायन गोत्र में जन्मे गोसाई जी की कर्मस्थली बनगांव रही, जहां स्थित कुटी परिसर को सिद्ध स्थल माना जाता है। श्रद्धालुओं का मानना है कि गोसाई जी का स्मरण मात्र करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। मिथिला, नेपाल और देश के विभिन्न हिस्सों में स्थित दर्जनों कुटिया और मंदिर उनकी लोकप्रियता का प्रमाण हैं।साम्प्रदायिक एकता का संदेश देने वाले संत गुरु गोरखनाथ...
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