मथुरा, जुलाई 24 -- प्राचीन योगमाया शक्तिपीठ (कंस कारागार), मल्लपुरा में आषाढ़ शुक्ल पक्ष की भड़ली नवमी पर श्रद्धा, भक्ति और सनातन परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। मंदिर परिसर में सुबह से ही योगमाया देवी के दर्शनों को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भजन संध्या, संगीतमय सुंदरकांड पाठ, वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हवन-यज्ञ, महाआरती के आयोजन करके मंदिर का पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। महंत आचार्या वंदना पाराशर के सान्निध्य में आयोजित भजन संध्या में भजनों की मधुर प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। पंडित वीरपाल मिश्रा ने बताया कि सनातन धर्म में भड़ली नवमी का विशेष महत्व है। इस दिन पूजा-पाठ, सुंदरकांड, यज्ञ और भजन-कीर्तन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है तथा भक्तों की मनोकाम...