खगड़िया, अप्रैल 25 -- बिहार में नई सरकार के गठन के बाद राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार (24 अप्रैल, 2026) को विधानसभा में विश्वासमत हासिल कर लिया, लेकिन इस पर विपक्ष और सियासी दलों ने सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। जन सुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने खगड़िया में मीडिया से बातचीत के दौरान इस बहुमत को "लोकप्रियता का बहुमत" मानने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि अगर यह जनसमर्थन का वास्तविक बहुमत होता, तो पहले से बड़ी संख्या में विधायकों के समर्थन से चुना गया मुख्यमंत्री पद छोड़कर राज्यसभा नहीं जाता।202 विधायकों का नहीं बल्कि 10 हजार से खरीदा गया बहुमत उन्होने कहा कि 202 विधायकों का नहीं बल्कि 10 हजार से खरीदा गया बहुमत है। चुनाव आयोग की मदद से हासिल किया हुआ है। सरकारी तंत्र का दुरुपयोग कर हासिल किया बहुमत ह...