देहरादून, सितम्बर 19 -- देहरादून के फुलेत गांव में आपदा के बाद दुश्वारियां कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। यहां गंभीर रूप से बीमार शुभम को चार दिन तक उपचार नहीं मिल पाया। गुरुवार शाम हेलीकॉप्टर से एयर लिफ्ट करके उसे दून के अस्पताल तक पहुंचाया गया। 600 से अधिक आबादी वाला यह गांव अब खतों और सड़कों पर जमे मलबे और जल संकट समेत तमाम चुनौतियों से जूझ रहा है। ग्राम प्रधान जयकृष्ण ममगाईं के अनुसार, यहां अतिवृष्टि के चलते 10 दुकानें, एक पिकअप और कई दोपहिया वाहन बह गए। आधी से अधिक खेती-बाड़ी नष्ट हो गई। अदरक की फसल तक पानी में बह गई। सतीश ममगाईं ने कहा कि यहां जीवन थम-सा गया है। यही नहीं, पानी की लाइनें बह चुकी हैं। लोग गदेरे का पानी पीने को मजबूर हैं। गांव का चौराहा 'बैंकली' मलबे में तब्दील है। मोहन लाल ममगाईं और विशालमणि ममगाईं की दुकानें बह गईं।...
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