लखनऊ, जून 5 -- केजीएमयू यूरोलॉजी विभाग में कथित दवा घोटाला उजागर हुआ। शिकंजा कसने के बाद यूरोलॉजी विभाग से 15 लाख रुपये की दवाएं बाहर आ गईं। 90 प्रतिशत दवाएं कैंसर की हैं। बाकी 10 प्रतिशत दवाएं प्रोटीन व आयरन की हैं। इन दवाओं को यूरोलॉजी विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों ने अलमारी में कैद कर रखा था। कोल्ड चेन व दूसरे मानकों का पालन न होने से अब इन दवाओं के इस्तेमाल पर संकट खड़ा हो गया है। यूरोलॉजी विभाग में करीब ढ़ाई करोड़ रुपये का कथित दवा घोटाला सामने आया है। असाध्य योजना में पंजीकृत मरीजों के यूएचआईडी नम्बर का बेजा इस्तेमाल कर महंगी-महंगी कैंसर, आयरन और प्रोटीन की दवाएं मंगाई गईं। यह भी पढ़ें- इलाज से ज्यादा कमाई का जरिया बनीं कैंसर की दवाएं कागजों पर फर्जी मरीजों को दवाएं लगाई गईं। मरीजों के नाम पर मंगाई गई दवाओं की कालाबाजारी की आशंका ह...