लखनऊ, अप्रैल 30 -- UP News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में जनपद की 24 ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर हुए लाखों रुपये के सरकारी धन के गोलमाल का मामला सामने आया है। वर्ष 2018-19 और 2019-20 के दौरान कराए गए कार्यों का हिसाब न दे पाने और ऑडिट में पकड़ी गई गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को जिला प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) जितेंद्र गोंड ने संबंधित विकास खंडों के एडीओ पंचायत को इन पंचायतों के तत्कालीन पंचायत सचिवों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इन सभी 24 ग्राम पंचायत सचिवों पर एफआईआर दर्ज होगी। डीपीआरओ के अनुसार अभी ऑडिट की प्रक्रिया चल रही है। ग्राम पंचायतों में कराये गए कार्य और भुगतान के बिल व वाउचर नहीं मिले। डीपीआरओ जितेंद्र गोंड ने कहा कि सरकारी धन का दुरुपयोग पर जीरो टॉलर...