विशेष संवाददाता, अगस्त 1 -- उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड से जुड़े पैरामेडिकल कॉलेजों का इन दिनों बुरा हाल है। यहां पढ़ रहे 40 हजार से अधिक छात्र-छात्राओं का भविष्य अधर में है। यह छात्र-छात्रा डी फार्मा और जीएनएम कोर्स के हैं। दरअसल बीते दो सालों से इन पाठ्यक्रमों में केवल दाखिले हो रहे हैं। विभाग परीक्षा करा ही नहीं रहा। ऐसे में यह हजारों छात्र-छात्रा न तो अगली कक्षा में जा पा रहे हैं और न ही उन्हें छात्रवृत्ति मिल पा रही है। नाराज छात्रों और कॉलेज प्रबंधकों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। जीएनएम और डी-फॉर्मा के पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्रा परेशान हैं। वे परीक्षा के लिए कॉलेज प्रबंधन पर दबाव बना रहे हैं और प्रबंधन आयुर्वेदिक तथा यूनानी तिब्बी चिकित्सा पद्धति बोर्ड पर। बोर्ड भी फिल...