नई दिल्ली, नवम्बर 7 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच महानिदेशक, चिकित्सा स्वास्थ्य और परिवार कल्याण को आदेश दिया है कि वह सरकारी डॉक्टरों के निजी प्रैक्टिस पर रोक के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएं। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकारी डॉक्टर (एलोपैथिक) निजी प्रैक्टिस पर प्रतिबंध नियमावली, 1983 के नियम-3 के अनुपालन की निगरानी एक सतत प्रक्रिया की तरह होनी चाहिए। इसके साथ ही न्यायालय ने बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर सीएचसी में पुलिस हिरासत में ले जाए गए एक व्यक्ति की मौत के मामले में जांच के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 दिसंबर को होगी। न्यायमूर्ति राजन रॉय व न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने अंकुर मिश्रा की जनहित याचिका पर ये आदेश दिए। याचिका की पोषणीयता पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) की ओर से पेश अधिवक्ता...