लखनऊ, मई 5 -- लखनऊ, आनंद सिन्हा। पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव परिणामों ने यूपी की राजनीति को नई दिशा दे दी है। मिशन-2027 की तैयारी में जुटी भारतीय जनता पार्टी को इन नतीजों से निश्चित रूप से मनोवैज्ञानिक बढ़त मिलेगी, जबकि विपक्षी दलों -खासकर समाजवादी पार्टी -के सामने अपने पीडीए समीकरण को बनाए रखने की कठिन चुनौती आ खड़ी हुई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या इन राज्यों से मिली राजनीतिक ऊर्जा के दम पर भाजपा यूपी में तीसरी बार सत्ता हासिल कर पाएगी? सुशासन बनाम अतीत की अराजकता यह भी पढ़ें- जीत के मायने चुनौतियां और अवसरपश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की रणनीति पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की 'बुलडोजर बाबा' और 'हिंदू हृदय सम्राट' की छवि को प्रभावी ढंग से भुनाया और प्रदेश में सुशासन लागू करने का वादा किया, जिसका असर चुना...