विशेष संवाददाता, फरवरी 7 -- उत्तर प्रदेश में बिजली कंपनियां बिजली के रेट बढ़ाना चाहती हैं। बिजली दरों में लगभग 20 प्रतिशत इजाफे के लिए कंपनियों द्वारा दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता प्रस्ताव को सुनवाई के लिए नियामक आयोग ने शुक्रवार को सशर्त मंजूरी दे दी है। अब मार्च के महीने में बिजली की नई दरें तय करने के लिए दाखिल एआरआर और उसपर आई आपत्तियों पर सुनवाई होगी। बिजली कंपनियों ने 12,453 करोड़ रुपये का राजस्व अंतर दिखाया है। नियामक आयोग ने निर्देश दिया है कि वे तीन दिनों के भीतर एआरआर समाचार पत्रों में प्रकाशित कराएं। प्रस्तावित एआरआर पर उपभोक्ताओं और अन्य को अपना पक्ष, आपत्तियां और सुझाव दाखिल करने के लिए 21 दिन का समय दिया गया है।स्मार्ट मीटर पर 38 अरब खर्च स्मार्ट प्रीपेड मीटर संचालन के लिए 3,837 करोड़ खर्च बताया गया है। यह रकम भी बिजली दरों...
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