लखनऊ, अक्टूबर 23 -- उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं ने कृषि विभाग के अधिकारियों की नींद उड़ा दी है। एनजीटी या सुप्रीम कोर्ट की कार्रवाई से बचाने के लिए शीर्ष अधिकारी गुरुवार को इसे रोकने के उपायों पर मंथन किया। तय किया गया है कि मुख्यालय पर तैनात शीर्ष अधिकारी मौके पर जाकर इसे रोकने का जतन करेंगे। कृषि निदेशक डा. पंकज त्रिपाठी ने कहा है कि शुक्रवार से ये अधिकारी सबसे पहले पश्चिमी उत्तर प्रदेश भेजे जाएंगे। इसके पहले 50 किसानों पर एक नोडल अफसर तैनात किए गए हैं। नोडल अधिकारी 24 घंटें सातों दिन अपने क्षेत्र में किसानों पर नजर रख रहे हैं। इसके साथ ही 15 अक्तूबर से पूरे प्रदेश की सेटेलाइट से निगरानी की जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले साल की तुलना में प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में कमी आई है। गत वर्ष 21 अक्तूबर तक 723 मामले...
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