गोरखपुर, फरवरी 8 -- गोरखपुर के सिकरीगंज स्थित न्यू राजेश हाईटेक अस्पताल में रविवार को हुई मोतियाबिंद की सर्जरी एक बड़े हादसे में बदल गई है। अस्पताल में आयुष्मान योजना के तहत 32 मरीजों का ऑपरेशन हुआ था, जिनमें से 11 मरीजों की आंखों में गंभीर संक्रमण (इंफेक्शन) फैल गया। लापरवाही का आलम यह है कि बारीगांव की रहने वाली 50 वर्षीय देवराजी देवी की जान बचाने और उनकी दूसरी आंख को सुरक्षित रखने के लिए डॉक्टरों को उनकी बाईं आंख निकालनी पड़ी। देवराजी का इलाज दिल्ली एम्स में चल रहा है। इसके अलावा दो अन्य मरीजों की हालत भी बहुत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों का कहना है कि अगले 24 से 48 घंटे बेहद चुनौतीपूर्ण हैं। अगर संक्रमण पर काबू नहीं पाया गया, तो अन्य मरीजों की आंखें भी निकालनी पड़ सकती हैं। सहजनवां की मीरा देवी की स्थिति भी गंभीर है और उन पर डॉक्टर लगाता...