कानपुर, मार्च 13 -- Hindustan Special: गंगा, जो कानपुर वासियों के लिए सिर्फ नदी नहीं बल्कि मां और आस्था का प्रतीक है, संकट में है। एशिया के सबसे बड़े नाले 'सीसामऊ नाला' का प्रवाह गंगा के लिए खतरा बन रहा है। पंपिंग स्टेशन अपनी पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं, लेकिन अगर कुछ ही मिनट के लिए भी रुक जाएं, तो गंदा पानी सीधे मां गंगा में मिल जाएगा। छह साल पहले 45 एमएलडी क्षमता वाला पंपिंग स्टेशन अब दोगुने 90 एमएलडी प्रवाह को संभालने में असमर्थ हो चुका है। फिलहाल, नेशनल मिशन फॉर क्लीन गंगा (एनएमसीजी) ने एक और पंपिंग स्टेशन बनाने का निर्देश दिया है। नमामि गंगे योजना के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2019 में सीसामऊ नाले पर 45 एमएलडी क्षमता का पंपिंग स्टेशन स्थापित कर गंगा को निर्मल बनाने की दिशा में पहला कदम उठाया था। लेकिन अब, महज छह वर्षों म...