नई दिल्ली, जनवरी 30 -- नई दिल्ली। विशेष संवाददाता उत्तर प्रदेश में मोटर वाहन अधिनियम (एमवी एक्ट) 1988 के तहत 2021 तक के लंबित ऐसे अपराध जो समझौता योग्य नहीं है या जिसमें कारावास की सजा का प्रावधान है, खत्म नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद अब उत्तर प्रदेश सरकार अपने उन प्रस्ताव में संशोधन करने जा रही है जो एमवी एक्ट के तहत 2021 तक के लंबित अपराधों के मुकदमों को खत्म करने का प्रस्ताव दिया था। जस्टिस जेबी पारदीवाला और केवी विश्वनाथन की पीठ के समक्ष उत्तर प्रदेश सरकार ने यह जानकारी दी है। यूपी सरकार ने पीठ को बताया है कि कानून में प्रस्तावित संशोधन के मुताबिक ऐसे अपराध जो गैर-समझौता योग्य हैं या जिनमें अनिवार्य कारावास है या जो बाद में किए गए अपराध हैं, उन्हें खत्म नहीं किया जाएगा। सरकार ने इस बारे में शीर्ष अदालत में एक हलफनामा दाखिल क...