लखनऊ, मार्च 13 -- यूपी में एप आधारित टैक्सी सेवाओं के लिए परिवहन विभाग ने उत्तर प्रदेश मोटरयान (समूहक व वितरण सेवा प्रदाता) नियमावली 2026 का मसौदा जारी कर दिया है। अब ओला-उबर जैसी टैक्सी व कैब चलाने के लिए एग्रीगेटर कंपनियों को अनिवार्य रूप से लाइसेंस लेना होगा। 25 हजार रुपये आवेदन शुल्क और 5 लाख रुपये लाइसेंस शुल्क लगेगा। 30 दिनों के भीतर मसौदे पर आम जनता व संबंधित पक्षों से आपत्तियां व सुझाव मांगे गए हैं। परिवहन विभाग वाहनों की संख्या के आधार पर 10 लाख से 50 लाख रुपये तक की सिक्योरिटी मनी भी जमा करनी होगी। लाइसेंस शुल्क की वैधता 5 वर्ष तक होगी। फिर इसका नवीनीकरण कराना होगा। नियम के तहत प्लेटफॉर्म से जुड़े वाहनों के लिए वैध पंजीकरण, फिटनेस प्रमाण पत्र, जीपीएस ट्रैकिंग अनिवार्य होगी। 12 वर्ष से अधिक पुराने वाहन इसमें नहीं चलाए जा सकेंगे। ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.