एटा, फरवरी 16 -- बोर्ड परीक्षाओं में एक दिन शेष है। छात्र-छात्राओं के मन में तनाव और चिंता बढ़ती जा रही है। तनाव के कारण आंखों से नींद ओझल है। बच्चों को मानसिक संतुलन की अग्नि परीक्षा बन गई है। योग करने से इस समस्या का निदान संभव है। योग गुरु अनिल कुमार कुशवाहा ने छात्र-छात्राओं से कहा कि परीक्षा से डरे नहीं योग करें। परीक्षा के डर से जब मस्तिष्क फाइट या फ्लाइट मोड में चला जाता है तो शरीर स्ट्रेस हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसका सीधा असर स्मृति लोप कर सब याद होने के बावजूद परीक्षा हाल में ब्लैक आउट हो जाता है। एकाग्रता में कमी के बाद भी पढ़ाई में मन न लगा, सिर दर्द, पेट में मरोड़, भूख न लगना और चिड़चिड़ापन हो जाता है। योग और प्राणायाम एक वैज्ञानिक मेंटल टूलकिट इस मानसिक युद्ध को जीतने के लिए योग और प्राणायाम केवल परंपरा नहीं बल्कि आधुनिक...