प्रयागराज, अप्रैल 13 -- यूपी बोर्ड से मान्यता के लिए आवेदन करने वाले स्कूलों से अब मान्यता शुल्क पर 18 प्रतिशत की दर से जीएसटी लेने की तैयारी है। यदि बोर्ड के प्रस्ताव को शासन से मंजूरी मिलती है तो 2017 से ही यह व्यवस्था लागू होगी और जो स्कूल पहले मान्यता ले चुके हैं उन्हें जीएसटी के रूप में देय धनराशि का भुगतान करना होगा। हाईस्कूल की मान्यता के लिए 50 हजार रुपये प्राभूत कोष और 15 हजार रुपये सुरक्षित कोष निर्धारित है, जबकि इंटरमीडिएट स्तर पर यह राशि क्रमशः दो लाख और एक लाख रुपये है। साथ ही प्रत्येक पांच वर्ष में मान्यता का नवीनीकरण कराना अनिवार्य है। यह भी पढ़ें- गुणवत्तायुक्त और मूल्यपरक शिक्षा के लिए प्रतिबद्ध : महर्षि मेही विद्यापीठ एक जुलाई 2017 से देशभर में वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लागू होने के बाद संबंधित प्रावधानों के तहत यूपी बो...