लखनऊ, जनवरी 29 -- उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच पंचायती राज विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए सख्त रुख अपनाया है। जिला पंचायत अध्यक्षों पर नकेल कसते हुए अधिकारियों-कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। शासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिला पंचायत अध्यक्षों को अधिकारियों या कर्मचारियों का वेतन रोकने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। इस संबंध में पंचायती राज विभाग ने सभी जिला पंचायत अध्यक्षों को पत्र लिखकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।लखनऊ और कौशांबी के मामलों ने बढ़ाई सख्ती शासन ने यह कदम विशेष रूप से लखनऊ और कौशांबी जिलों से आई गंभीर शिकायतों के बाद उठाया है। राजधानी लखनऊ की जिला पंचायत अध्यक्ष आरती रावत द्वारा पिछले करीब चार महीनों से कुछ कर्मचारियों का वेतन रोके जाने का मामला शासन के संज्ञान में ...