प्रयागराज, मार्च 21 -- दो से चार जुलाई तक प्रस्तावित यूपी-टीईटी का बेरोजगारों के एक गुट ने बहिष्कार का निर्णय लिया है। प्रशिक्षित बेरोजगारों का कहना है कि जब सरकार को शिक्षक भर्ती ही नहीं शुरू करनी है तो यूपी-टीईटी क्यों कराई जा रही है। जीव विज्ञान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष जितेंद्र यादव का कहना है कि शिक्षा मंत्री संदीप सिंह लगातार यह कहते आ रहे हैं कि प्राथमिक स्कूलों में शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात पूरा है। ऐसे में जब भर्ती नहीं करनी है तो क्या यूपी-टीईटी केवल सरकार का कोष भरने के लिए कराई जा रही है। 2018 के बाद से प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है। उसके बाद दो बार 2019 और 2021 में यूपी-टीईटी हो चुका है और सरकार करोड़ों की कमाई कर चुकी है। यही नहीं उच्च प्राथमिक स्तर पर 2013 में विज्ञान और गणित जबकि 2021 में जूनियर एडेड हाई...