लखनऊ, जनवरी 24 -- यूपी को 'वन ट्रिलियन डॉलर' की अर्थव्यवस्था बनाने के लिए स्वास्थ्य सेवा और एमएसएमई क्षेत्र की भूमिका सबसे अहम है। इसी को लेकर गोमतीनगर के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपीआईटेक्स एक्सपो के दूसरे दिन शनिवार को विशेषज्ञों ने राज्य की बदलती स्वास्थ्य और आर्थिक तस्वीर पर चर्चा की। इस दौरान केजीएमयू के रेस्परेटरी मेडिसिन विभाग में विभागाध्यक्ष डा. सूर्यकांत ने बताया कि उत्तर प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 08 से बढ़कर 80 हो गई है। रायबरेली और गोरखपुर में एम्स की स्थापना और सरकारी अस्पतालों में रोबोटिक तकनीक का आना स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े नवाचार का प्रतीक है। इसका सीधा असर प्रदेश की सेहत पर दिखा है। शिशु मृत्यु दर घटकर 38 (प्रति हजार) और मातृ मृत्यु दर 150 (प्रति लाख) पर आ गई है। इस अवसर पर पीएचडीसीसीआई के सीईओ डा....