नई दिल्ली, मार्च 18 -- यूपी के बाराबंकी स्थित हैदरगढ़ में एक टोल प्लाजा पर वकील के साथ मारपीट मामले में सुप्रीम कोर्ट ने वकीलों के खिलाफ कड़ी टिप्पणी की है। कोर्ट ने टोल प्लाजा पर तोड़-फोड़ करने और अपने ही एक साथी वकील के दफ्तर में भी तोड़फोड़ करने को लेकर कहा कि कभी वकालत का पेशा नेक माना जाता था, लेकिन अब गुंडागर्दी वाली हरकत से दागदार हो गया है। बता दें कि वकील के दफ्तर पर इसलिए तोड़फोड़ की गई थी, क्योंकि उसने टोल प्लाजा के कर्मचारियों का केस लड़ने का फैसला किया था, जिससे अन्य वकील नाराज हो गए थे। 'बार एंड बेंच' की रिपोर्ट के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने कहा कि बाराबंकी के बार एसोसिएशन के सदस्य ही हिंसा करने वाले बन गए हैं। वकीलों के इस तरह के आचरण में खासतौर पर यूपी में हालात बेहद दयनीय स...