नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- लखनऊ, विधि संवाददाता। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने प्रदेश के चार मेडिकल कॉलेजों में अनुसूचित जाति के अभ्यर्थियों को निर्धारित सीमा से अधिक आरक्षण देकर प्रवेश देने के मामले में राज्य सरकार के रुख पर कड़ी नाराजगी जताई है। न्यायालय ने समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव को संबंधित अभिलेखों के साथ मंगलवार को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। उधर, एक अन्य फैसले में राज्य सरकार के भर्ती नियमों को वैध मानते हुए जूनियर एनालिस्ट (फूड) में बीटेक को शामिल करने की मांग हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने यह आदेश राज्य सरकार की ओर से दाखिल एक विषेश अपील पर पारित किया है। न्यायालय ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले वर्ष आश्वासन दिया था कि शैक्षिक सत्र 2026-27 से प्रदेश के शैक्षणि...